लुकाचोरी (जासूसी खेल)
Lookachori (Jasoori Khel)
भारत में लुकाचोरी बालकों के लिए बहुत अच्छा खेल है। इसमें सबसे पहले मोर (चोर) बनाने का काम किया जाता है। मोर बनाने के कई तरीके हैं। उनमें सबसे आसान और प्रचलित ये दो ही हैं।

(1) खिलाड़ियों में से बारी-बारी तीन आदमी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़े हो जाते हैं। फिर तीनों तीन बार हाथ आगे-पीछे हिलाकर हाथ छोड़, अपने बायें हाथ की हथेली सामने लाकर उस पर दायें हाथ की हथेली जोर से मारते हैं। बाईं हथेली सीधी ही रखनी होती है, लेकिन दाईं हथेली सीधी या उलटी, दोनों तरह से मार सकते हैं। जिन दो खिलाड़ियों की हथेली एक-सी हालत में होती है, वे साथी हो जाते हैं। फिर तीसरा लड़का अन्य दो लड़कों से यही तरीका दोहराता है। यदि तीनों की हथेली एक-सी पड़ती है, तो उसका मतलब कुछ नहीं। अन्त में इसी प्रकार पुँगने से जो बच जाता है, वही मोर (चोर) बनता है।
(2) सभी खिलाड़ी एक गोलाकार घेरे में खड़े होते हैं। फिर एक आदमी दाईं ओर से सबको गिनता हुआ कहता है। “अक्कड़ बक्कड बम्मे भौ, अस्सी नब्बे पूरे सौ। सौ सलीका तीतर मोटा, कहो कहानी कैसा छोटा ।”
जिस खिलाड़ी पर आखिरी शब्द खत्म होता है, वह घेरे में पंगकर निकल जाता है। तब फिर वही “अक्कड़-बक्कड़…
कहते हैं। हर बार के ‘छोटा’ शब्द पर खिलाड़ी पुँगते जाएँगे अन्त में जो खिलाड़ी बच रहता है, वही मोर (चोर) होता है पुँगने का यही तरीका और-और खेलों में भी व्यवहार किया जाता है।
तो लुकाचोरी में भी जो लड़का पुंग जाता है वही जासूस बनता है। एक दीवार को धैयाँ बना दिया जाता है। जासूसी उसी धैयाँ के पास आँख बाँध करके खड़ा होता है, तो सभी लोग इधर-उधर छिपने चले जाते हैं। कुछ देर बाद जासूस उसी हालत में कहता है- “5-10-15-20-25-30-35-40-45-50-55-60-65-70-75-80-85-90-95-100…
ढूँढ़ता हूँ… ॐ.. ॐ…।” और झट से आँखें खोलकर ढूँढ़ने लगता है। जासूस खूब सावधान रहता है। उसे चोर को उसके छिपने के स्थान पर देख कर अपने विभाग को रिपोर्ट करनी पड़ती है। यानी धैयाँ को छूना पड़ता है।
खिलाड़ी यह कोशिश करते हैं कि अपने छिपने की जगह से झाँकते रहें और जासूस के दूसरी ओर जाते ही आँखें बचाकर धैयाँ के पास आ जाए।
जासूस जिसको देख लेगा, उसका नाम लेकर चिल्ला उठेगा- “मैंने…को देख लिया” और भागकर धैयाँ को छूने की कोशिश करेगा। उसके धैयाँ छू लेने पर जिसका नाम लिया था, वही जासूस छू बनेगा। यदि किसी को देख लेने से पहले, धैयाँ छू लेने से पहले जासूस को कोई छू लेगा, तो उसे दोबरा जासूस बनना पड़ेगा।

