Tag: Hindi Stories
दूध का जला छाछ भी फेंककर पीता है Doodh ka Jala Chanch bhi phunk kar pita hai रात के समय सब लोग एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे। …
थोथा चना बाजे घना Thotha Chana Baje Ghana दादाजी कुछ खा रहे थे। अमर ने पूछा-“दादाजी, आप क्या खा रहे हैं?” “बेटा, भुने हुए चने खा रहा हूँ। लो, …
तेते पाँव पसारिए जेती लंबी सौर Tete pav pasariye jeti lambi Sor एक दिन काम वाली शांतिबाई देर से आई। दादाजी ने पूछ लिया-“क्या हुआ शाति, आज देर कैसे …
तबले की बला बंदर के सिर Table ki Bala Bander ke Sir एक दिन दादाजी अखबार पढ़ रहे थे। दादीजी दाल बीन रही थीं। अमर और लता अपना …
डूबते को तिनके का सहारा Dubte ko Tinke ka Sahara अमर और लता अपनी मम्मी के पास बैठे होमवर्क कर रहे थे। तभी वहाँ पड़ोस में रहने वाली …
जैसी करनी वैसी भरनी Jesi Karni Wesi Bharni अजी, सुना आपने?” दादीजी ने हाँफते हुए दादाजी से कहा-“वो जो बलवान सिंह है, जिसने गाँव में होली वाले दिन जीवन …
जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय Jako rakhe Saiya maar sake na koi दादाजी अखबार पढ़ रहे थे। अमर और लता उनके पास बैठे हुए अपना स्कूल का …
जल में रहकर मगर से बैर Jal me rehkar Magar se bair एक दिन स्कूल से घर आकर अमर ने खाना भी नहीं खाया और गुमसुम रोकर बैठ गया। …
चोर-चोर मौसेरे भाई Chor Chor Mosere Bhai अमर स्कूल से घर आते ही सीधा दादाजी के पास गया और बोला-“दादाजी. पता है आज हमारी क्लास में क्या हुआ?” “क्या …
चिराग तले अँधेरा Chirag tale Andhera दीवाली का दिन था। घर में चारों तरफ रंग-बिरंगे बल्बों की रोशनी हो रही थी। फूल-मालाएँ लटक रही थीं। दरवाजों पर बंदनवार शोभा …