Tag: Hindi Speech
बिनु सत्संग विवेक न होई Bin Satsang Vivekh Na Hoi मनुष्य अपने जीवन में जैसी संगत करता है, वैसा ही उसका चरित्र बनता है। यदि हम अच्छे लोगों की …
बिन साहस के फीका जीवन Bin Sahas ke Phika Jeevan साहस के अभाव में मनुष्य को किसी कार्य में सफलता नहीं मिलती। मन की दृढ़ता और शक्ति का नाम …
बिन पानी सब सून Bin Pani Sab Suna संसार के सारे पदार्थों में जल अमृत तुल्य है। जल की उपमा किसी अन्य वस्त को नहीं दी जा सकती …
जो तोको काँटा बुवै ताहि बोइ तू फूल Jo toke kata buve tahi boi tu Phool महान् व्यक्ति वही है जो अपकार करने वाले व्यक्ति के लिए भी ईष्र्या, …
जीओ और जीने दो Jiyo aur Jeene Do जिस व्यक्ति ने स्वयं सुख-सन्तोष और शान्ति से जीवन जीना सीखा है. वही दूसरों को सुख से जीवन जीने की प्रेरणा …
जहाँ सुमति तहाँ सम्पति नाना Jaha Sumati Taha Sampati Nana ममति का अर्थ है-श्रेष्ठ मत, अच्छी बुद्धि या सद्बुद्धि। इस प्रकार की अच्छी बुद्धि मनुष्य को ईश्वर से ही …
जब आवे सन्तोष धन, सब धन धूरि समान Jab Aave Santosh Dhan, Sab Dhan Dhuri Saman आदमी को चाहे कितना भी रुपया पैसा मिल जाए लेकिन उसका मन कभी …
जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है Janani aur Janambhumi Swarg se bhi Badhkar hai एक माँ अथवा जननी अपने पुत्र को नौ महीने पेट में पालकर, अनेक …
बीता समय वापस आता नहीं Bita Samay Vapas Nahi Aata समय की अपनी एक गति है, अपना नियम है। एक बार जो समय गुजर जाता। है, वह दुबारा लौटकर …
आदर्श विद्यार्थी Adarsh Vidyarthi निबंध नंबर :- 01 भारतीय परम्परा के चार आश्रमों में पहला आश्रम ‘ब्रह्मचर्याश्रम’ है। यह आश्रम खासतौर से विद्यार्थी जीवन के लिए ही निर्धारित है। …