Tag: Hindi Paragraph
जैसी संगति बैठिए तैसोई फल दीन Jaisi Sangati Bethiye Tesoi Phal Deen इस उक्ति का अर्थ है-मनुष्य जिस संगति में बैठता है, उसे वैसा ही फल मिलता है। बुरे …
दया धर्म का मूल है Daya Dharam Ka Mool Hai दया का अर्थ है-किसी पीड़ित के दुख को देखकर पिघल जाना। यह हर मानव का सहज गुण है। परमात्मा …
सौ सयानों का एक मत So Sayano Ka Ek Mat कभी चर्चा में बादशाह से बीरबल ने कहा, “सौ सयानों का एक ही मत होता है। बादशाह बोले, …
सौके किए सठ्ठ, आधे को गये नट्ट, दस देंगे, दस दिलायंगे, दस का देना क्या? एक जाट के यहां किसी बनिये के मुद्दत से सौ रुपए बाकी चले आते …
सोना सुनार का, आभरन संसार का Sona Sunar Ka, Aabhran Sansar Ka किसी राजा ने एक सुनार से पूछा, “तुम गहनों में कितनी खोट मिलाते हो?” सुनार बोला, …
सुतलेक भैंस पड़वा बिआले Sutlek Bhens Padva Biyale किसी गांव के दो ग्वाले अपनी भैंसें साथ-साथ चराया करते थे। एक ही रात को दोनों की भैंसें ब्याने को …
सीख तो ताको दीजिये, जाको सीख सुहाय Seekh To Tako Dijiye, Jako Seekh Suhay किसी जंगल में एक पेड़ पर एक बये का घोंसला था। संध्या समय बयाबयी उसमें …
वह पानी मुलतान गया Vah Pani Multan Gya अक्सर लोगों को बोलते सुना जाता है, “वह पानी तो मुलतान गया।”-यानी मौका निकल गया, बात हाथ से जाती रही। लेकिन …
लेना एक न देना दो Lena Ek Na Dena Do एक मोर और कछुए में बड़ी दोस्ती थी। मोर पेड़ पर रहता था और उसी के नीचे पोखरे …
लेखा-जोखा थाहे, लड़िका डूबल काहे Lekha-Jokha Thahe, Ladika Dubal Kahe एक मुंशीजी अपने चार बच्चों को लेकर पैदल नदी पार कर रहे थे। उन्होंने सब लोगों के पार …