Tag: Hindi Paragraph

Ek aur Ek Gyarah Hote Hai “एक और एक ग्यारह होते हैं” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph, Nibandh for Class 8, 9, 10, 12 Students.

एक और एक ग्यारह होते हैं Ek aur Ek Gyarah Hote Hai गणितशास्त्र कहता है-एक और एक मिलकर दो होते हैं। भावनाओं की दुनिया विचित्र है। उसमें एक और …

Parhit Saris Dharam Nahi Bhai “परहित सरिस धर्म नहीं भाई” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph, Nibandh for Class 8, 9, 10, 12 Students.

परहित सरिस धर्म नहीं भाई Parhit Saris Dharam Nahi Bhai दूसरों की भलाई के बारे में सोचना तथा उसके लिए कार्य करना महान गुण है। वृक्ष अपने लिए नहीं, …

Shram Ka Mahatva “श्रम का महत्त्व” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph, Nibandh for Class 8, 9, 10, 12 Students.

श्रम का महत्त्व Shram Ka Mahatva परिश्रम उन्नति का द्वार है। मनुष्य परिश्रम के सहारे ही जंगली अवस्था से वर्तमान विकसित अवस्था तक पहुँचा है। उसी के सहारे उसने …

Samay Bahumulya Hai “समय बहुमूल्य है” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph, Nibandh for Class 8, 9, 10, 12 Students.

समय बहुमूल्य है Samay Bahumulya Hai   समय बहता प्रवाह है। जैसे बहता जल लौटकर नहीं आता, वैसे ही बीता समय कभी लौटकर नहीं आता।  अत: समय बहुत मूल्यवान …

Sanch Ko Aanch Nahi “साँच को आँच नहीं” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph for Class 8, 9, 10, 12 Students.

साँच को आँच नहीं Sanch Ko Aanch Nahi   सत्य का मार्ग अत्यंत कठिन है। इस पर चलने वाले को कठिनाइयाँ भले ही आएँ, किंतु वह भटकता नहीं है। …

Par Updesh Kushal Bahutere “पर उपदेश कुशल बहुतेरे” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph for Class 8, 9, 10, 12 Students.

पर उपदेश कुशल बहुतेरे Par Updesh Kushal Bahutere   दूसरों को उपदेश देने वाले दुनिया में बहुत हैं। परंतु ऐसे लोग कम हैं, जो स्वयं को उपदेश देते हैं …

Sangharsh Hi Jeevan Hai “संघर्ष ही जीवन है” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph for Class 8, 9, 10, 12 Students.

संघर्ष ही जीवन है Sangharsh Hi Jeevan Hai जीवन संघर्ष से बना है। संघर्ष के समय ही सारी जीवनी-शक्ति प्रकट हो उठती है। मनुष्य संघर्ष के समय जितना प्रखर, …

Jaise Karoge Waisa Bharoge “जैसा करोगे वैसा भरोगे” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph for Class 8, 9, 10, 12 Students.

जैसा करोगे वैसा भरोगे Jaise Karoge Waisa Bharoge मनुष्य का अपने कर्म पर अधिकार है। वह कर्म के अधकार है। वह कर्म के अनुसार फल प्राप्त करता है। अच्छे …

Dev-Dev Alsi Pukara “दैव-दैव आलसी पुकारा” Essay in Hindi, Best Essay, Paragraph for Class 8, 9, 10, 12 Students.

दैव-दैव आलसी पुकारा Dev-Dev Alsi Pukara आलसी व्यक्ति ही हे देव! हे देव! की पुकार लगाते हैं। परिश्रमी व्यक्ति अपने भरोसे जीते हैं। वे परिश्रम करके सुखी रहते हैं। …