Tag: Hindi Essays
कविवर बिहारी Kavivar Bihari रीतिकाल ने नख-शिख वर्णन करने वाले कवियों में कविवर विहारी का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। कविवर बिहारी का एक मात्र अमर काव्य तो विश्व की एक …
मीराबाई Mirabai कृष्ण-भक्ति काव्यधारा की कवयित्रियों में मीराबाई का स्थान सर्वश्रेष्ठ है। मीराबाई की जन्म सन् 1503 ई. राजस्थान के मारवाड़ जिलान्तर्गत मेवात में हुआ। था। कहा जाता है …
कवि शिरोमणि तुलसीदास Kavi Shiromani Tulsidas हिन्दी-साहित्याकाश में तुलसीदास चमकते हुए सूर्य के समान हैं जबकि सूरदास जी चन्द्रमा के समान हैं। इन दोनों कवियों के बाद स्थान प्राप्त …
कवि सूरदास Kavi Surdas महाकवि सूरदास के जन्म और उनके अंधे होने के विषय में एवं उनके शेष जीवन के विषय में भी निश्चित रूप से कुछ कहना …
महात्मा कबीरदास Mahatma Kabirdas हिन्दी भक्तिकाव्य की निर्गुण काव्यधारा के ज्ञानाश्रयी शाखा के सर्वश्रेष्ठ कवि कबीरदास के जन्म और मृत्यु के सम्बन्ध अलग-अलग विद्वानों ने विचार किया है। …
वृक्षारोपण का महत्व Vriksharopan ka Mahatva हमारे देश में नहीं अपितु पूरे विश्व में भी वनों का विशेष महत्व है। वन ही प्रकृति की महान शोभा के भंडार हैं। …
समय का सदुपयोग Samay ka Sadupyog किसी कवि ने समय के महत्व को बतलाते हुए ठीक ही कहा है- मनुष्य नहीं बलवान् है, समय होत बलवान्। भीलन ने गोपिन …
स्वदेश-प्रेम Swadesh Prem महान् राष्ट्रकवि मैथिलीकरण गुप्त ने स्वदेश-प्रेम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लिखा है- जो भरी नहीं है भावों से, बहती जिसमें रस धार नहीं। वह …
देशाटन के लाभ Deshatan ke Labh मनुष्य जन्म से ही जिज्ञास स्वभाव का है। वह प्रत्येक वस्तु को आश्चर्य के। साथ देखने की बड़ी इच्छा रखता है। वह अपने …
परिश्रम का महत्त्व Parishram ka Mahatva तुलसी ने बड़े ही सरल और स्पष्ट रूप से कहा है कि- सकल पदारथ है जग माहीं। कर्महीन नर पावत नाहीं।। अर्थार्त संसार …