Tag: Hindi Essays
रेल-दुर्घटना का दृश्य Rail Durghatna ka Drishya सुबह का वक्त था। पहली गाड़ी छूट गई थी। दिल में तकलीफ थी, कालेज कैसे पहुँचूंगा। खैर, किसी तरह गाजियाबाद स्टेशन पहुँचा। …
रेलवे स्टेशन का दृश्य Railway Station ka Drishya आज के युग में विज्ञान ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है। आज यातायात के अनेकानेक साधन विज्ञान ने हमें प्रदान …
मेरा पड़ोसी My Neighbour पड़ोसी से अभिप्राय आस-पास के रहने वाले से है। दूसरे रूप में कहना चाहें तो कह सकते हैं कि पड़ोसी ही समाज का सर्वाधिक निकट …
चाँदनी रात में नौका-विहार Chandni Raat me Nauka Vihar प्रकृति की सुषमा सबको अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। इस आकर्षण का मख्य कारण है-प्रकृति का परिवर्तनशील स्वरूप प्रकृति …
दादा बड़ा न भैया, सबसे बड़ी रुपया Dada Bada na Bhaiya, Sabse bada Rupya मानव एक सामाजिक प्राणी है वह समूह में रहकर जीवनयापन करता है। एक समय था, …
जब आवे सन्तोष धन, सब धन धरि समान Jab Aave Santosh Dhan, Sab Dhan Dhari Saman मानव एक संवेदनशील प्राणी है। वह सदैव अपनी इच्छापूर्ति में लगा रहता है, …
मज़हब नहीं सिखाता, आपसे मैं बैर रखना Mazhab Nahi Sikhata, Aapas me Bair Rakhna “मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना। हिन्दी हैं, हम वतन हैं, हिन्दोस्ताँ हमारा।।” …
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत Man Ke Hare Haar Hai, Man ke Jite Jeet निबंध नंबर :- 01 मनुष्य का जीवन विविध प्रकार के संकल्पों …
सत्संगति – शठ सुधरहिं सत्संगति पाई Satsangati – Shath Sudhrahi Satsangati Payi सत्संगति ‘शब्द दो शब्दों के मेल से बना हुआ है। सत् + संगति’ अथति सच्चे या अच्छे …
परोपकार – परहित सरिस धर्म नहिं ‘भाई Paropkar – Parhit Saris Dharm Nahi Bhai महर्षि वेद व्यास के विषय में लिखा है– अटादश पुराणेषु व्यासस्य वचनं द्वयम् । परोपकाराय, …