Tag: Anuched
मेरे मित्र की सीख Mere Mitra ki Seekh मेरा प्रिय मित्र श्रीनिवास बहुत ही सज्जन एवं सदाचारी है। वह कभी किसी की बुराई नहीं करता, और न ही कभी …
इंटरनेट पर संदेश Internet Par Sandesh आज के अत्याधुनिक वैज्ञानिक युग में कंप्यूटर हमारे जीवन का मख्य भाग बन गया है। इसके अभाव में आज हम अपने जीवन की …
जब शिक्षक ने मुझे शाबाशी दी Jab Shikshak ne Mujhe Shabashi di में कक्षा दसवीं में पढ़ता था। मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब पिताजी रिक्शा चलाते थे और मेरी …
जब बस में मेरी जेब कटी Jab Bus me Meri Jeb Kati जब मैं पहली बार 1995 में दिल्ली आया तो यहाँ के वातावरण और रहन-सहन से बिलकुल अनजान …
रेलवे प्लेटफॉर्म की भीड़ और मैं Railwa Platform ki Bheed aur mein एक बार अचानक हमने वैष्णोदेवी जाने की योजना बनाई और एक बैग में कपड़े-भत्ते रखकर नई दिल्ली …
वो सड़क हादसा Vo Sadak Hadsa उस सड़क हादसे को मैं कभी नहीं भुला सकता। एक दिन जब मैं सड़क पर पैदल चल रहा था तो पीछे से तेज़ी …
जब मेरा मोबाइल फोन गुम हो गया Jab Mere Mobile Phone Gum Ho Gya पहले मोबाइल फोन बहुत महंगे थे इसलिए अमीर आदमी ही इसे खरीद सकते थे, परंतु …
मेरे अध्यापक का वो थप्पड़ Mere Adhyapak ka vo Thappad मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूँ इसलिए वे मुझे बहुत प्यार करते हैं। उनके इसी प्यार ने मुझे …
स्वावलंबन Swavalamban स्वावलंबन जीवन के लिए परम आवश्यक है। यह होनहार मनुष्य का लक्षण है, बड़प्पन का साधन है और सुखमय जीवन का स्रोत है। स्वावलंबन का अर्थ है-अपने …
युद्ध के दुष्परिणाम Yudh Ke Dushparinam किसी ने सच कहा है-“यदि शांति के समय विज्ञान एक देवदूत है, तो युद्ध के समय यह एक शैतान है” अर्थात् विज्ञान …