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होली का पर्व Holi ka Parv “उड़ा गुलाल चली पिचकारी होली है भई होली है नाच उठी है धरती सारी होली है भई होली है।” निकल पड़ी मस्तों की …
रक्षा बंधन का त्योहार Rakshabandhan ka Tyohar आई है राखी, सुहाई है पूनो, बधाई उन्हें, जिनको भाई मिले हैं। भूमिका-भारत में प्रत्येक पर्व का अपना एक विशेष महत्त्व है। …
दीपावली पर्व Deepawali Parv “दीप जगमगा उठे, ज्योति प्रज्वलित हुई रात्रि अमावस की थी, पूर्णमासी बन गई।” भूमिका-भारतवर्ष त्योहारों का देश माना जाता है। भारत की संस्कृति में त्योहारों …
दशहरा पर्व Dusshera Parv “जब-जब होता नाश धर्म का और पाप बढ़ जाता है तब लेते अवतार प्रभु यह विश्व शांति पाता है।” भूमिका-भारत की संस्कृति में त्योहारों का …
वसंत ऋतु Autumn हँसमुख प्रसून सिखलाते पल भर है जो हँस पाओ। अपने उर के सौरभ से जग का आँगन भर जाओ।। भूमिका-प्रकृति की शोभा बढ़ाने में ऋतुओं का …
वर्षा ऋतु Rainy Season “है वसंत ऋतुओं का राजा वर्षा ऋतुओं की रानी। सबकी प्यास बुझाने आती, भर-भर लाती पानी।।” भूमिका-वसंत यदि ऋतुराज कहलाता है, तो वर्षा ऋतुओं की …
शहीद भगतसिंह Shahid Bhagat Singh भूमिका-आजादी ली नहीं जाती, वह छीनी जाती है। इसके लिए बलिदानों की आवश्यकताः होती है। भारत की स्वतंत्रता के लिए जिन वीरों ने अपना …
स्वामी दयानंद Swami Dayanand “दयानंद स्वामी ने वैदिक धर्म का अलख जगाया। वेदों का पावन संदेश जन-जन तक पहुँचाया।।” भूमिका-इतिहास इस बात का साक्षी है कि भारत के लोग …
गुरु नानकदेव जी Guru Nanak Dev Ji “जीर्ण-शीर्ण रूढ़ियाँ मिटाकर ज्ञान की ज्योति जलाई। गुरु नानक ने मानवता को प्रेम की राह दिखाई।।” भूमिका-जब-जब धर्म की हानि होती है …
पंडित जवाहरलाल नेहरू Pt. Jawaharlal Nehru ‘मोती’ का लाड़ला, ‘स्वरूपरानी’ का दुलारा। वह जवाहरलाल था, जन-जन की आँखों का तारा।। भूमिका-जब-जब इस भारत भूमि पर कष्ट के बादल …