Tag: Anuched
वृक्षों का महत्त्व Vriksho Ka Mahatva हमारी सारी संस्कृति वनप्रधान है। ऋग्वेद, जो हमारी सनातन शक्ति का मूल है, वनदेवियों की अर्चना करता है। मनुस्मृति में वृक्षविच्छेदक को …
अखंड भारत और राजनीति Akhand Bharat Aur Rajniti भारत का लोकमानस सदा इसी गहरी आकांक्षा से ओत-प्रोत रहा है कि बँटवारे की अपनी ढपली अपना राग की इस घातक …
भारत में मीडिया का विकास Bharat Mein Media Ka Vikas 1990 के बाद टी.वी के निजी चैनलों के कार्यक्रमों ने दूरदर्शन के एकरसता और उबाऊपन को चैलेंज करते हुए …
आध्यात्मिक विकास Adhyatmik Vikas हमारे देश में एक ऐसा भी युग था जब नैतिक और आध्यात्मिक विकास ही जीवन का वास्तविक लक्ष्य माना जाता था। अहिसा भावना सर्वोपरि थी। …
श्वेत क्रांति Shwet Kranti श्वेत क्रांति का पशुपालन से निकट का संबंध है। श्वेत क्रांति का अर्थ है, डेयरी विकास कार्यक्रमों के द्वारा दूध के उत्पादन में वृद्धि। इसमें …
धैर्य का महत्त्व Dherya Ka Mahatva जिसके पास धैर्य है, वह जो इच्छा करता है, प्राप्त कर लेता है। प्रकृति हमें धीरज धारण करने की सीख देती है। धैर्य …
भाग्य और पुरुषार्थ Bhagya Aur Purusharth जीवात्मा संसार में आते ही भिन्नत्व को प्राप्त होता है। कोई गरीब है, कोई अमीर है। कोई तो झुग्गी-झोपड़ी में जन्म लेता है …
स्वार्थ की नींव पर संबंध Swarth ki Neev par Sambandh स्वार्थ की नींव पर संबंधों का प्रासाद नहीं बनता। नि:स्वार्थ भाव से सबका ध्यान रखना संबंधों के लिए अनिवार्य …
अहिंसा-हमारी संस्कृति का मूलाधार Ahimsa-Hamari Sanskriti ka Mooladhar सत्य और अहिंसा, केवल इसी देश के लिए नहीं, मानव मात्र के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हो ग हगहरा देशन …
सूर्य कान्त त्रिपाठी निराला Surya Kant Tripathi Nirala निराला जी की एक विशेषता यह थी कि कविता लिखने से पहले वे उसकी भाव-राशि, विषयवस्तु की चर्चा बहुत कम करते …