Tag: हिंदी पैराग्राफ
बढ़ती रेल दुर्घटनाएँ Badhti Rail Durghatnaye पिछले कुछ महीने से रेल दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इन दुर्घटनाओं का कुछ कारण तो तकनीकी है पर कुछ शरारत भी। कुछ …
पढ़ेगा भारत तो बढ़ेगा बढ़ेगा भारत Padhega Bharat to Badhega Bharat शिक्षा विकास का वह क्रम है जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार से अपने भौतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक वातावरण …
वन संपदा पर गहराता संकट Van Sampada par Gehrata Sankat सामने लहलहाता झूमता हुआ, अपनी बाँहों को फैलाए हुए, मदमस्त हरा-भरा, फल-फूलों से लदा आम का पेड़ सदैव की …
नारी सुरक्षा Nari Suraksha सृष्टि की जन्मदात्रों नारी आज अपनी संतान से ही स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है। इक्कीसवीं शताब्दी में आज के यौन के भूखे युवकों …
बदलती शिक्षा व्यवस्था Badalti Shiksha Vyavastha जैसे-जैसे समाज प्रगति की ओर बढ़ रहा है उसके शैक्षणिक परिवेश में भी बदलाव आ रहा है। पहले कला संकाय, वाणिज्य संकाय और …
मेरा प्रिय कवि Mera Priya Kavi छायावाद के प्रारम्भिक कवियों में क्रमश: व्यक्तिचेतना, राष्ट्रीय चेतना और समष्टि चेतना का प्रस्फुटन और विकास दृष्टिगोचर होता है। किन्तु आगे चलकर अलग-अलग …
महाशक्ति के रूप में उभरता भारत Mahashakti ke Roop me Ubharta Bharat आजादी से आज तक का सफर करने वाला भारत आज इस मुकाम पर पहुँच गया है कि …
मेरा देश मेरा कर्त्तव्य Mera Desh Mera Kartvya मैं भारत का हूँ। इसके लिए मेरा तन, मन और धन कुर्बान है। मैं अपने देश को समस्याओं से मुक्त देखना …
स्त्री शिक्षा और सामाजिक चेतना Stri Shiksha aur Samaj Chetna एक चिंतक ने नारी शिक्षा के संबंध में बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात कही है। उसका कहना है कि नारी …
विज्ञान और समाज Vigyan aur Samaj विज्ञान और समाज का रिश्ता एकदम ऐसा है जैसे चोली-दामन का। यह समाज का सच्चा दोस्त है। कहा जाता है कि जो दोस्त …