Tag: हिंदी पैराग्राफ
कल बकरी कहां चरायेंगे? Kal Bakri Kaha Charayega एक गांव में दो चरवाहे रहते थे। वे दोनों रोज अपनी और गांववालों की बकरियां चराने को ले जाया करते थे। …
कम्बल नहीं छोड़ता Kambal Nahi Chodta एक बाबाजी कुछ चेलों के साथ किसी नदी के किनारे नहा रहे थे। दूर, पानी पर निगाह पड़ी तो देखा कि एक …
एक न शुद दो शुद Ek Na Shudh Do Shudh किसी लड़के की मां कफनचोर थी। रात को कब्र खोदकर वह मुर्दे पर से कफन निकाल लिया करती। किसी …
ऊँट के गले में बिल्ली Unth ke Gale me Billi किसी गांव में एक आदमी का ऊँट खो गया। खोजते-खोजते बहुत हैरान हो जाने पर उसने कसम खाई …
ऊँट के गले में पालकी Unth ke Gale me Palki एक जमींदार पालकी में बैठा कहीं जा रहा था। रास्ते के बगल के खेत में हरे चने देखकर …
उस्तरा, हजाम, नाई, एक मैं, एक मेरा भाई, Ustra, Hazam, Nai, Ek mein, Ek mera Bhai पुराने जमाने में गरीब-से-गरीब के यहां भी बरात में सौ-पचास आदमी आ जाते …
उत्तम खेती मध्यम बान, निखद चाकरी भीख निदान Uttam Kheti Madhyam Baan, Nikhad Chakri Bhikh Nidan किसी जमींदार (रईस) को कहीं एक पत्थर की पटिया पड़ी मिली, जिस पर …
इस मुर्दे के पीले पांव Is Murde ke Pile Paav एक नगर में चार चोरों ने मिलकर वहां के राजा के खजाने में चोरी करने की ठानी। किसी तरह …
इतनी रुई कौन कातेगा Itni Rui Kaun Katega बहुत पहले की बात है। किसी गांव में एक बढिया रहती थी। उस जमाने में मिले न थी, सूत चरखे …
इक्के–दुक्के का अल्ला बेली Ekke-Dukke ka Allah Beli इस कहावत का अर्थ तो है कि अकेले-दुकेले का ईश्वर रक्षक है, पर इस पर एक खास कहानी है- दिल्ली …