Tag: हिंदी निबंध
जेकरे सौदा पानी अमाय तेकर गहकी फिरि फिरि जाय एक ग्वाले की दुकान पर जाकर एक गाहक ने पूछा, “दूध है?” उसने कहा, “नहीं।” कोई आदमी वहीं खड़ा था, …
जिसमें ओत हो Jisme Oat Ho बादशाह ने बीरबल से पूछा, “बताओ हिन्दुस्तान में सब जातियों में स्वार्थी जाति कौन?” बीरबल ने कहा, “बनिया।” “कैसे?” “इसके सबूत के …
जिसकी लाठी उसकी भैंस Jiski Lathi Uski Bhains हिन्दी में यह कहावत खूब प्रचलित है। बंगाल में है “जोर जार मुल्लुक तार”, “जार लाठी तार माटी (धरती)।” अन्य …
जिस कारण मूंड मुंडाया, वो ही दुःख आगे आया Jis Karan Mund Mundaya किसी गांव में एक आलसी आदमी था। कोई काम उससे न होता था। उसे बराबर घरवालों …
जैसा करै वैसा भरै Jaisa Kare Vaisa Bhare एक पतोहू अपनी बूढ़ी सास को टूटी कठौती में खाना दिया करती थी। संयोग से एक दिन सास के हाथ …
जैसा देवै वैसा पावै, पूत भतार के आगे आवै Jaise Deve Vaise Pave, Poot Bhatar Ke Aage Aave एक औरत बैठी खीर पका रही थी, कहीं से उसमें एक …
जानवर ही तो था Janwar Hi To Tha एक काजी ने अपना बैल किसी तेली को पालने को दिया। तेली ने काजी की खुशामद में उनके बैल को …
जात पांत पूछे नहिं कोय, हरि को भजे सो हरि का होय। अकबर बादशाह के यहां एक बार पांच साधु आए। किसी ने पूछा, “आप लोग किस जाति के …
जग जीत लियो मोरी कानी Jag Jeet Liyo Mori Kani किसी बनिये के एक कानी लड़की थी। उसे इसकी शादी की बड़ी परेशानी थी। उस जमाने में नाई, और …
छोड़ झाड़, मुझे डूबने दे Chod Jhad, Mujhe Dubne De एक मर्द और औरत की लड़ाई हुई। कमजोर को आत्महत्या पहले सूझती है। औरत कुएं में गिरने चली। वह …