नैतिक पतन: देश का पतन Naitik Patan : Desh ka Patan Essay # 1 धन-दौलत, सुख और वैभव नैतिकता (सच्चरित्रता) पर खड़े हैं। महाभारत में प्रहलाद की कथा आती …
जीवन में अनुशासन का महत्त्व Jivan me Anushasan ka Mahatva मनुष्य अपने विशेष गुणों के कारण ही अन्य प्राणियों में श्रेष्ठ और महान् समझा और माना जाता है, उसके …
महँगाई की समस्या – मूल्यवृद्धि Mehangai ki Samasya – Mulyavridhi निबंध नंबर : 01 वस्तुओं की कीमतों में निरन्तर वृद्धि से एक ऐसी चिन्ताजनक स्थिति उत्पन्न हो गयी है, …
पुस्तकालय Pustakalaya अथवा पुस्तकालय का महत्व Pustakalaya ka Mahatva Top 3 Hindi Essay on ” Pustakalaya Ka Mahatva” निबंध नंबर :- 01 पुस्तकालय शब्द पर जब हम विचार …
विद्यालय का वार्षिकोत्सव Vidyalaya ka Varshik Mohitsav विद्यालय का वार्षिकोत्सव का अर्थ है-एक साल के अंत में होने वाला उत्सव । प्रत्येक विद्यालय का वार्षिक-उत्सव होता है। इस अवसर …
नारी-शिक्षा का महत्त्व Nari Shiksha ka Mahatva नारी के विषय में हमारे विद्वानों और विचारकों ने अलग-अलग विचार प्रस्तुत किए हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने नारी के अन्तर्गत बहुत प्रकार …
दहेज-प्रथा एक सामाजिक बुराई Dahej Pratha ek Samajik Burai पंचतंत्र में लिखा है- पुत्रीति जाता महतीह, चिन्ताकस्मैप्रदेयोति महानवितकैः। दत्त्वा सुखं प्राप्यस्यति वानवेति, कन्यापितॄत्वंखलुनाम कष्टय।। अर्थात् पुत्री उत्पन्न हुई, यह …
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan विद्यार्थी शब्द की तरह अनशासन शब्द भी दो शब्दों के योग से बना है-अनु + शासन अनु उपसर्ग है, जिसका अर्थ है–विशेष या …
समाचार-पत्र और उनकी उपयोगिता Samachar Patra aur Unki Upyogita समाचार शब्द के अर्थ पर दृष्टि डालने से यह अर्थ स्पष्ट होता है कि समाचार अर्थात् सम् + आचार अर्थात …
आज का समाज और नैतिक मूल्य Aaj ka Samaj aur Naitik Mulya महर्षि वाल्मीकि का कहना है, “श्रेष्ठ पुरुष दुसरे पापाचारी प्राणियों के पाप को ग्रहण नहीं करता। …