विद्यार्थी और राष्ट्र-प्रेम Vidyarthi aur Rashtra Prem प्रत्येक विद्यार्थी अपने राष्ट्र का एक अभिन्न हिस्सा होता है। जिस राष्ट्र में वह पैदा हुआ और पढ़-लिखकर बड़ा हुआ, जिस राष्ट्र …
विद्यार्थी और सिनेमा Vidyarthi aur Chalchitra किसी विचारक ने सिनेमा को ‘पाप की माँ’ (सिन = अपराध या पाप + मा) कहा है। किसी और व्यक्ति के लिए यह …
विद्यार्थी और सामाजिक चेतना Vidyarthi aur Samajik Chetna विद्यार्थी समाज का एक अभिन्न अंग है। उसे समाज से अलग नहीं किया जा सकता। समाज की क्रिया और प्रतिक्रियाएँ तथा …
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan विद्यार्थी का शाब्दिक अर्थ ‘विद्याया : अर्थी’ अर्थात विद्या की अभिलाषा रखने वाला है। वह व्यक्ति जो अपने मन में विद्या पाने की …
विद्यार्थी और राष्ट्र-निर्माण Vidyarthi aur Rashtra Nirman विद्यार्थी द्वारा राष्ट्र-निर्माण करने का आशय राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाना है। यद्यपि जिस प्रकार एक अकेला चना भाड़ …
विद्यार्थी का दायित्व Vidyarthi ka Dayitva विद्या पाने के अभिलाषी को ‘विद्यार्थी’ कहा जाता है। विद्या ग्रहण करने के लिए निरन्तर अध्ययन और चिन्तन-मनन की आवश्यकता होती है। …
विद्यार्थी जीवन में डायरी का महत्त्व Vidyarthi Jeevan me Diary ka Mahatva अच्छे विद्यार्थी अपने दिनभर के क्रियाकलापों, व्यवहार, वार्तालाप तथा जन-सम्मिलन से जो-जो अच्छी प्रेरणाएँ प्राप्त करते हैं-उनको …
आदर्श विद्यार्थी Adarsh Vidyarthi निबंध नंबर :- 01 भारतीय परम्परा के चार आश्रमों में पहला आश्रम ‘ब्रह्मचर्याश्रम’ है। यह आश्रम खासतौर से विद्यार्थी जीवन के लिए ही निर्धारित है। …
विद्यार्थी जीवन Vidyarthi Jeevan जब मनुष्य पृथ्वी पर शिशुरूप में पैदा होता है तो उसे ज्ञान और विद्या-संस्कार का बोध नहीं होता। ये सब बातें उसे अपने स्कूल के …
Population Problem The population of India multiplying at such an alarming rate that it is nullifying all the progress our country is making. The agricultural green revolution brought about …