गुनाह करने को भी हुनर चाहिए Gunah Karne Ko Bhi Hunar Chahiye कलकत्ता में पार्कस्ट्रीट के पास कोहनूर एक नामी होटल है। जिसने यह प्रसंग बताया वह भी चाय …
गाछी कटहर, ओंठे तेल Gachi Kathar, Onthe Tel दो आदमियों ने मिलकर कटहल का एक फला हुआ पेड़ साझे में लिया। उनमें से एक, कटहल तोड़ने को पेड़ …
गंवईक दाल–भात, शहरेक राम–राम Gavaik Dal-Bhat, Sharek Ram-Ram लखनऊ के एक लाला किसी काम से देहात में गये। एक देहाती के यहां डेरा डाला। देहाती ने लालाजी की …
खोदा पहाड़, निकली चुहिया Khoda Pahad, Nikli Chuhiya एक पहाड़ में से चूं-धूं की आवाज आया करती। पता लगाने को लोगों ने पहाड़ को खोदना शुरू किया। बड़ी मेहनत …
खाट साथ जाती है Khaat Saath Jati Hai किसी ब्राह्मण के लड़के की शादी हुई। पतोहू के ससुराल आने के दो-चार दिन बाद ही सास ने अपने घर …
कौए से कबेलवा हुंसियार Kove se Kabelva Husiyar देहाती रूप है-“कौआ से कबेलवै (कौए का बच्चा) हुसियार।” कोई कौआ अपने बच्चे को सिखलाने लगा कि जब किसी को ढेला …
कौआ कान ले गया Kova Kaan Le Gya एक बेवकूफ से किसी ने कहा, “अरे, बात नहीं सुनता है, तेरे कान कौआ ले गया क्या?” इसी समय पास …
कैसे क्षत्रिय हैं? Kaise Kshatriya Hai एक नाई हजामत बनाने में जितना अनाडी था, उतना ही अशिष्ट बोली में भी था। हजामत बनाते समय उस्तरे से कहीं लग …
कुछ तुम समझे, कुछ हम समझे Kuch Tum Samjhe, Kuch Hum Samjhe एक बुढ़िया किसी रास्ते पर चली जा रही थी। उसके पास चांदी के जेवरों की एक …
कीमत तो दो आना रोज ही है Kimat To Do Aana Roj Hi Hai एक राजा ने किसी से सुना कि साहूकार लोग छोटी-बड़ी हर चीज की कीमत …