नमस्ते का खेल
Namaste Ka Khel
अनगिनत खिलाड़ी गोलाकार में बैठे (खड़े) रहेंगे। कोई एक लड़का घेरे के बाहर से दौड़ते हुए किसी की पीठ को छूकर तेजी से दौड़ेगा। जिसकी पीठ छू दी जाएगी वह भी घेरे की दूसरी ओर से दौड़ने लगेगा। रास्ते में जहाँ पर दोनों दौड़ने वाले मिल जाएँ, वहाँ खड़े होकर आमने-सामने हाथ मिलाते हुए (तीन बार) ‘नमस्ते-नमस्ते-नमस्ते’ बोलेंगे। फिर जो जिधर जा रहा था, उसी ओर दौड़ेगा। खाली जगह पर जो खिलाड़ी पहले पहुँचे उसकी जीत होगी। जिस बालक को जगह न मिलेगी, वह इस खेल को फिर से शुरू करेगा; हाँ, इसमें पुँगने की विधि से पहले ही किसी एक खिलाड़ी को मोर बना लेना जरूरी है।

