Category: Hindi Essays
जैसा देवै वैसा पावै, पूत भतार के आगे आवै Jaise Deve Vaise Pave, Poot Bhatar Ke Aage Aave एक औरत बैठी खीर पका रही थी, कहीं से उसमें एक …
जानवर ही तो था Janwar Hi To Tha एक काजी ने अपना बैल किसी तेली को पालने को दिया। तेली ने काजी की खुशामद में उनके बैल को …
जात पांत पूछे नहिं कोय, हरि को भजे सो हरि का होय। अकबर बादशाह के यहां एक बार पांच साधु आए। किसी ने पूछा, “आप लोग किस जाति के …
जग जीत लियो मोरी कानी Jag Jeet Liyo Mori Kani किसी बनिये के एक कानी लड़की थी। उसे इसकी शादी की बड़ी परेशानी थी। उस जमाने में नाई, और …
छोड़ झाड़, मुझे डूबने दे Chod Jhad, Mujhe Dubne De एक मर्द और औरत की लड़ाई हुई। कमजोर को आत्महत्या पहले सूझती है। औरत कुएं में गिरने चली। वह …
छाती पर का बेर मेरे मुंह में डाल दे Chati Par Ka Bair Mere Muh Me Daal De एक बेर के पेड़ के नीचे दो अहदी पड़े थे। एक …
चोर चोरी से गया तो क्या हेरा फेरी से भी गया? Chor Chori Se Gya To Khay Here-Pheri Se Bhi Gya किसी गांव में एक पक्का चोर रहता …
चोर की दाढ़ी में तिनका Chor Ki Dadhi Mein Tinka किसी काजी के इजलास में एक मुकदमा चोरी का आया। पुलिस ने शक में कई आदमियों को पकड़कर हाजिर …
चाहे जो रंग रंगाओ, खिलेगा अमउवा ही Chahe Jo Rangao, Khilega Amua Hi किसी देहात में एक रंगरेज रहता था। एक आदमी उसके पास अपना एकदो रजाइयों का …
गोबर का घड़ा और काठ की तलवार Gobar Ka Ghada Aur Kath Ki Talwar एक चालाक अहीर पांच सेर की एक मटकी में नीचे साढ़े चार सेर गोबर और …