Category: Hindi Essays
तीसरा मुझ को मारेगा Tisra Mujh Ko Marega बनियों के डरपोकपन के बहुत से किस्से कहे जाते हैं। उनमें से एक का संबंध इस कहावत से है। पुराने …
डपोरशंख Daporshankh किसी आदमी ने एक देवता की बड़ी तपस्या करके एक ऐसा शंख पाया कि उससे जो मांगिए, मिलता। किसी को इसका पता चल गया और वह उसे …
टके का नामक लाऊं, ला मेरी पालकी Take Ka Namak Lau, La Meri Palki किसी जमींदार के यहां पालकी के लिए आठ कहार नौकर थे। एक दिन उन्हीं में …
जो यह है सो वह है Jo Yah Hai So Vah Hai किसी राजा ने अपनी राजधानी के दो व्यापारियों को बुलाकर उनके सामने कुछ गेहूं रखे और …
जैसे को तैसा मिले Jaise Ko Taisa Mile पूरी कहावत यों है: जैसे को तैसा मिले सुनिए राजा भील। पीतल को घुन खा गए, छोरे को ले गई …
जेकरे सौदा पानी अमाय तेकर गहकी फिरि फिरि जाय एक ग्वाले की दुकान पर जाकर एक गाहक ने पूछा, “दूध है?” उसने कहा, “नहीं।” कोई आदमी वहीं खड़ा था, …
जिसमें ओत हो Jisme Oat Ho बादशाह ने बीरबल से पूछा, “बताओ हिन्दुस्तान में सब जातियों में स्वार्थी जाति कौन?” बीरबल ने कहा, “बनिया।” “कैसे?” “इसके सबूत के …
जिसकी लाठी उसकी भैंस Jiski Lathi Uski Bhains हिन्दी में यह कहावत खूब प्रचलित है। बंगाल में है “जोर जार मुल्लुक तार”, “जार लाठी तार माटी (धरती)।” अन्य …
जिस कारण मूंड मुंडाया, वो ही दुःख आगे आया Jis Karan Mund Mundaya किसी गांव में एक आलसी आदमी था। कोई काम उससे न होता था। उसे बराबर घरवालों …
जैसा करै वैसा भरै Jaisa Kare Vaisa Bhare एक पतोहू अपनी बूढ़ी सास को टूटी कठौती में खाना दिया करती थी। संयोग से एक दिन सास के हाथ …