Category: Hindi Essays
नारी-शिक्षा का महत्त्व Nari Shiksha ka Mahatva नारी के विषय में हमारे विद्वानों और विचारकों ने अलग-अलग विचार प्रस्तुत किए हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने नारी के अन्तर्गत बहुत प्रकार …
दहेज-प्रथा एक सामाजिक बुराई Dahej Pratha ek Samajik Burai पंचतंत्र में लिखा है- पुत्रीति जाता महतीह, चिन्ताकस्मैप्रदेयोति महानवितकैः। दत्त्वा सुखं प्राप्यस्यति वानवेति, कन्यापितॄत्वंखलुनाम कष्टय।। अर्थात् पुत्री उत्पन्न हुई, यह …
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan विद्यार्थी शब्द की तरह अनशासन शब्द भी दो शब्दों के योग से बना है-अनु + शासन अनु उपसर्ग है, जिसका अर्थ है–विशेष या …
समाचार-पत्र और उनकी उपयोगिता Samachar Patra aur Unki Upyogita समाचार शब्द के अर्थ पर दृष्टि डालने से यह अर्थ स्पष्ट होता है कि समाचार अर्थात् सम् + आचार अर्थात …
आज का समाज और नैतिक मूल्य Aaj ka Samaj aur Naitik Mulya महर्षि वाल्मीकि का कहना है, “श्रेष्ठ पुरुष दुसरे पापाचारी प्राणियों के पाप को ग्रहण नहीं करता। …
छोटा परिवार – सुखी परिवार Chota Parivar- Sukhi Parivar आज जिस गति से शिक्षा-ज्ञान का प्रचार-प्रसार हो रहा है, उतनी गति से हम मोह और आकर्षण में बँधते जा …
साहित्य और समाज Sahitya aur Samaj ‘साहित्य’ शब्द की व्युत्पत्ति सहित शब्द से हुई है। ‘सहित’ शब्द के दो अर्थ हैं‘स’ अथात् साथ-साथ और हित अर्थात् कल्याण। इस …
युवा पीढ़ी में असन्तोष Yuva Pidhi me Asantosh वास्तव में दिशाविहीन युवापीढ़ी को अपने लक्ष्य का बोध शिक्षा कराती है। किन्तु आज की शिक्षा इस उद्देश्य की पूर्ति …
प्रौढ़-शिक्षा Adult Education शिक्षा मनुष्य को सत्य की पहचान कराने वाली है। यह ज्ञान की आँख देती है। यह हमारी सोई प्रतिभा को जगाकर उसे कारगर बनाती है। देखा …
हमारे समाज में नारी का स्थान Hamare Samaj me Nari ka sthan या भारतीय नारी Bharatiya Nari प्राचीन काल में हमारे समाज में नारी का महत्त्व नर से कहीं …