साथी बदल का खेल
Sathi Badal Ka Khel
सभी खिलाड़ियों में पुंगने की विधि से किसी एक को मोर बनाया जाये। सब लड़के गोलाकार में दो-दो साथी मिलकर खड़े होवें। मोर बना हुआ लड़का बीच में सचेत रहेगा। कोई लीडर या शिक्षक सभी को सावधान करेगा। कहेगा- “साथी बदल” और सभी खिलाड़ी अपने पहले के साथी को छोड़कर दूर के किसी दूसरे को साथी बनाकर खड़े हो जाएँगे। घेरा टूटेगा नहीं। वह बीच वाला मोर भी इसी बीच किसी को अपना साथी बनाकर खड़ा हो जाएगा तो फिर कोई लड़का बचा ही रहेगा। अब वही बाद म की आवाज होगी राम-दल भागकर अपनी ब्लॉक लाइन
के पीछे चला जाएगा और रावण दल को उन सबको ब्लॉक लाइन पार करने से पहले ही तेजी से छूकर अपने दल में मिला लेना चाहिए।
फिर कभी “रा….रा….रा….वण” ही कहेंगे तो राम दल छूने की कोशिश करेगा और रावण दल भागेगा। यानी जिस दल का नाम लिया जाएगा, वही दल आयेगा। हमला करने वाले दल के खिलाड़ी विरोधी दल की ब्लॉक लाइन से उस पार न जाएँगे।
कभी-कभी शिक्षक खिलाड़ी की बुद्धि की जाँच के लिए “र…. ही….म” ही कह देगा। इस रहीम शब्द पर अपनी जगह किसी को नहीं छोड़नी है। यदि कोई धोखे से हिल भी जाएगा अथवा दौड़ ही पड़ेगा, तो वे सभी मरकर खेल से बाहर बैठेंगे। इसी तरह जिस दल के अधिक लड़के मरेंगे उसी की हार होगी।

