अटल बिहारी वाजपेयी
Atal Bihari Vajpayee
जन्म : 25 दिसम्बर, 1926
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
- श्री अटल बिहारी वाजपेयी के पिता का नाम पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी था।
- उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज ग्वालियर और डी.ए.वी. कॉलेज कानपुर से शिक्षा प्राप्त की। एम.ए. करने के बाद वे समाज सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में आ गए।
- सन् 1942 के आंदोलन में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने ‘जनता पार्टी’ के गठन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, यही दल आगे चलकर ‘भारतीय जनता पार्टी’ बना।
- वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और ‘संगठन सचिव’ थे। 1965-68 तक उसके सचिव हुए और बाद में उनके अध्यक्ष बने। राष्ट्रीय सद्भावना समिति के सदस्य और दीन दयाल उपाध्याय रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष श्री वाजपेयी दूसरी लोकसभा के लिए चुने गए।
- सन् 1962-70 तक राज्यसभा में रहने के बाद लगातार लोकसभा के लिए चुने जाते रहे। सरकार की विभिन्न समितियों के सदस्य रहे।
- सन् 1965 में पूर्वी अफ्रीका को जाने वाले संसदीय दल, कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन मीटिंग एवं आस्ट्रेलिया, जापान तथा अन्य देशों को जाने वाले कई संसदीय दलों के सदस्य रहे।
- 1966-67 के दौरान सरकारी आश्वासन संबंधी समिति, 1969-70 और 1991-92 के दौरान लोक लेखा समिति और 1990-91 के दौरान याचिका समिति के अध्यक्ष रहे। सन् 1975-77 में आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भेज दिया गया।
- सन् 1977-79 तक विदेश मंत्री रहे । सन् 1996 में उन्होंने तेरह दिनों के लिए प्रधानमंत्री का पद संभाला। 1998 में वे पुनः प्रधान मंत्री बने हैं।
- श्री वाजपेयी ने वीर अर्जुन, पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म आदि कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया। उन्होंने मृत्यु या हत्या’, ‘मेरी इक्यावन कविताएँ’, ‘अमर बलिदान’, ‘कैदी कविराय की कुंडलियाँ’ आदि पुस्तकें लिखी हैं ।
- उन्हें पद्मविभूषण, एवं सर्वश्रेष्ठ सांसद के सम्मान से विभूषित किया जा चुका है।